गर्भावस्था में आयरन और फोलिक एसिड का महत्व: सही मात्रा और स्रोत
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है, जिससे खून की मात्रा बढ़ती है और शिशु तक ऑक्सीजन पहुँचती है। वहीं, फोलिक एसिड शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में सहायक होता है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट जैसी समस्याओं को रोकता है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि गर्भावस्था में आयरन और फोलिक एसिड क्यों जरूरी हैं, सही मात्रा क्या होनी चाहिए, और इनके प्राकृतिक स्रोत कौन-कौन से हैं।
गर्भावस्था में आयरन का महत्व
- आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी है, जो ऑक्सीजन को माँ और शिशु तक पहुँचाते हैं।
- गर्भावस्था के दौरान खून की मात्रा लगभग 50% तक बढ़ जाती है, इसलिए शरीर को अधिक आयरन की जरूरत होती है।
- आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर आना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
गर्भावस्था में आयरन की सही मात्रा
- गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 27-30 मिलीग्राम आयरन लेना चाहिए।
- आयरन का अधिक सेवन करने से कब्ज (Constipation) और अपच हो सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में लेना जरूरी है।
आयरन युक्त आहार: प्राकृतिक स्रोत
आयरन दो प्रकार का होता है:
- हेम आयरन (Hem Iron): यह शरीर में जल्दी अवशोषित होता है और ज्यादातर नॉन-वेजिटेरियन स्रोतों में पाया जाता है।
- नॉन-हेम आयरन (Non-Hem Iron): यह शरीर में धीरे-धीरे अवशोषित होता है और ज्यादातर पौधों से प्राप्त होता है।
आयरन युक्त आहार में क्या खाएं?
हेम आयरन के स्रोत (Non-Vegetarian)
- अंडे
- मछली (साल्मन, ट्यूना)
- रेड मीट (बकरी का मांस)
- चिकन
नॉन-हेम आयरन के स्रोत (Vegetarian)
- पालक, मेथी, ब्रोकली
- चुकंदर, अनार, खजूर
- दालें, सोयाबीन, राजमा
- कद्दू के बीज, तिल
- साबुत अनाज, ब्राउन राइस
आयरन के अवशोषण को बढ़ाने के लिए:
- विटामिन C युक्त आहार (जैसे नींबू, संतरा, आंवला) के साथ आयरन युक्त भोजन लें।
- दूध, चाय और कॉफी के साथ आयरन न लें, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है।
गर्भावस्था में फोलिक एसिड का महत्व
- फोलिक एसिड गर्भ में शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (Neural Tube Defect) जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव करता है।
- फोलिक एसिड डीएनए निर्माण और सेल ग्रोथ में मदद करता है, जिससे शिशु का सही विकास होता है।
गर्भावस्था में फोलिक एसिड की सही मात्रा
- गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 400-600 माइक्रोग्राम (mcg) फोलिक एसिड लेना चाहिए।
- अगर डॉक्टर सलाह दें, तो प्रेगनेंसी सप्लीमेंट्स के रूप में भी इसे लिया जा सकता है।
फोलिक एसिड युक्त आहार: प्राकृतिक स्रोत
फोलिक एसिड युक्त आहार में क्या खाएं?
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक, ब्रोकली, मेथी
- फल: संतरा, केला, पपीता, एवोकाडो
- दालें और साबुत अनाज: मसूर की दाल, चना, राजमा
- बीज और नट्स: मूँगफली, अलसी, सूरजमुखी के बीज
- अंडे और दूध उत्पाद: अंडा, दही, चीज़
फोलिक एसिड की अवशोषण क्षमता बढ़ाने के लिए:
- विटामिन C युक्त आहार के साथ लें।
- बहुत अधिक पकाने से बचें, क्योंकि फोलिक एसिड नष्ट हो सकता है।
गर्भावस्था में आयरन और फोलिक एसिड की कमी के लक्षण
अगर गर्भवती महिला के शरीर में आयरन और फोलिक एसिड की कमी हो जाती है, तो इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:
आयरन की कमी के लक्षण:
- लगातार थकान और कमजोरी
- चक्कर आना और सिरदर्द
- त्वचा पीली पड़ जाना
- साँस लेने में कठिनाई
फोलिक एसिड की कमी के लक्षण:
- अत्यधिक कमजोरी और सुस्ती
- याददाश्त में कमी
- एनीमिया
- गर्भावस्था में जन्मजात दोष का खतरा
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
हाँ, यह माँ और शिशु दोनों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह खून की मात्रा बढ़ाने और शिशु के विकास में मदद करता है।
हाँ, अत्यधिक आयरन कब्ज और पाचन समस्याएँ पैदा कर सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करें।
हाँ, लेकिन अगर शरीर में कमी हो, तो डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
अधिक मात्रा में लेने से गैस, मतली और एलर्जी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, इसलिए संतुलित मात्रा में लें।
निष्कर्ष
- गर्भावस्था में आयरन खून की मात्रा बढ़ाने और एनीमिया से बचने के लिए जरूरी होता है।
- प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है।
- प्रेगनेंसी सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से लें और आयरन युक्त आहार को अपने भोजन में शामिल करें।
संतुलित आहार और सही मात्रा में आयरन और फोलिक एसिड लेने से गर्भावस्था स्वस्थ और सुरक्षित बनी रहती है।