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पीसीओएस में इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कैसे कम करें?
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पीसीओएस में इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कैसे कम करें?

अप्रैल 10, 2025
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Smita B
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इन्सुलिन रेजिस्टेंस क्या है? जब शरीर की कोशिकाएं इन्सुलिन हार्मोन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं, तो इसे इन्सुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है और पीसीओडी और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

इस ब्लॉग में हम चर्चा करेंगे कि ब्लड शुगर कंट्रोल पीसीओएस में कैसे किया जा सकता है और हार्मोनल संतुलन पीसीओएस के लिए कौन से आहार और लाइफस्टाइल बदलाव फायदेमंद हो सकते हैं।

पीसीओएस और इन्सुलिन रेजिस्टेंस का संबंध

  • पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में 80% तक इन्सुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है
  • जब कोशिकाएं इन्सुलिन को ठीक से नहीं पहचानती, तो अग्न्याशय (Pancreas) अधिक इन्सुलिन बनाता है।
  • अधिक इन्सुलिन एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के स्तर को बढ़ाता है, जिससे मासिक धर्म अनियमितता, बालों का झड़ना और मुंहासे हो सकते हैं।
  • इन्सुलिन रेजिस्टेंस से वजन बढ़ सकता है और वजन बढ़ने से इन्सुलिन रेजिस्टेंस और भी ज्यादा हो जाता है – यह एक विकट चक्र बन जाता है।

टिप: यदि आप बार-बार भूख महसूस कर रही हैं, अचानक वजन बढ़ रहा है, और थकान बनी रहती है, तो इन्सुलिन रेजिस्टेंस की जांच करवाएं।

इन्सुलिन रेजिस्टेंस के कारण पीसीओडी और डायबिटीज का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

  • जब शरीर में इन्सुलिन की मात्रा अधिक होती है, तो यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में असमर्थ हो सकता है।
  • अधिक इन्सुलिन से शरीर में सूजन (Inflammation) और फैट स्टोरेज बढ़ता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
  • लंबे समय तक इन्सुलिन रेजिस्टेंस रहने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

टिप: ब्लड शुगर कंट्रोल पीसीओएस में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे हार्मोनल संतुलन भी बनाए रखा जा सकता है।

पीसीओएस में इन्सुलिन रेजिस्टेंस कम करने के प्रभावी तरीके

सही आहार अपनाएं (Healthy Diet for Insulin Resistance in PCOS)

  • लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low-GI) फूड्स लें, जिससे ब्लड शुगर स्थिर रहे।
  • फाइबर युक्त भोजन खाएं, जिससे ग्लूकोज का अवशोषण धीमा हो।
  • प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का सेवन बढ़ाएं ताकि भूख नियंत्रित रहे।

बेस्ट फूड्स:

  • हरी पत्तेदार सब्जियां – पालक, मेथी, ब्रोकली
  • फल – जामुन, संतरा, सेब, अमरूद
  • साबुत अनाज – ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ
  • प्रोटीन युक्त आहार – अंडे, टोफू, मछली, दालें
  • हेल्दी फैट्स – एवोकाडो, नारियल तेल, बादाम, अलसी बीज

टिप: मीठे और प्रोसेस्ड फूड्स से बचें, क्योंकि वे ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं।

रेगुलर एक्सरसाइज करें (Exercise for PCOS & Insulin Resistance)

  • कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio Exercises) – रनिंग, साइकलिंग, और वॉकिंग से इन्सुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training) – वेट लिफ्टिंग और बॉडी वेट एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती हैं।
  • योग और प्राणायाम – तनाव कम करने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने के लिए फायदेमंद हैं।

टिप: हर दिन कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, जिससे इन्सुलिन लेवल नियंत्रण में रहेगा।

तनाव कम करें और अच्छी नींद लें (Manage Stress & Sleep Well)

  • तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे इन्सुलिन रेजिस्टेंस खराब हो सकता है।
  • मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग से तनाव को कम करें और हार्मोनल संतुलन बनाए रखें।
  • 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें, क्योंकि नींद की कमी से वजन बढ़ सकता है और ब्लड शुगर असंतुलित हो सकता है

टिप: सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और रोजाना एक ही समय पर सोने की आदत डालें।

हाइड्रेटेड रहें और सही पेय पदार्थ चुनें (Stay Hydrated & Drink Wisely)

  • दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, ताकि शरीर डिटॉक्स हो सके।
  • ग्रीन टी और हर्बल टी पीसीओएस में वजन घटाने और इन्सुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकते हैं।
  • हल्दी वाला दूध सूजन कम करने और इन्सुलिन नियंत्रण में मदद करता है।

टिप: मीठे और कैफीन युक्त पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि वे इन्सुलिन स्पाइक कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या पीसीओएस और इन्सुलिन रेजिस्टेंस को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है?

हाँ, सही डाइट, एक्सरसाइज और जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या लो-कार्ब डाइट पीसीओएस में फायदेमंद होती है?

हाँ, लो-कार्ब और हाई-फाइबर डाइट से ब्लड शुगर को स्थिर रखा जा सकता है।

क्या पीसीओएस में शुगर खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए?

प्रोसेस्ड शुगर से बचना बेहतर होता है, लेकिन नेचुरल शुगर (जैसे फल) सीमित मात्रा में खाई जा सकती है।

क्या योग से इन्सुलिन रेजिस्टेंस कम हो सकता है?

हाँ, योग और प्राणायाम तनाव कम करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद कर सकते हैं।

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