Home > Blogs > पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग – क्या यह सामान्य है?
पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग – क्या यह सामान्य है?
पहली तिमाही
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग – क्या यह सामान्य है?

जुलाई 03, 2025
Author Image
Smita B
author

इस ब्लॉग में हम भारी मासिक धर्म के कारण, हल्के पीरियड्स के कारण, और इन स्थितियों से जुड़ी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में चर्चा करेंगे। साथ ही, सही समाधान और डॉक्टर से कब परामर्श लेना चाहिए, इस पर भी जानकारी देंगे।

क्या सामान्य पीरियड्स का कोई पैटर्न होता है?

  • आमतौर पर मासिक धर्म 28-35 दिन के चक्र में होता है।
  • ब्लीडिंग 3 से 7 दिन तक चलती है।
  • औसत रक्तस्राव 30-80 मिलीलीटर होता है।
  • यदि पीरियड्स में अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है या बहुत हल्के हैं, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

टिप: यदि आपके पीरियड्स सामान्य से अलग हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और सही जानकारी प्राप्त करें।

पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग क्यों होती है?

यदि आपकी ब्लीडिंग बहुत अधिक हो रही है और 7 दिनों से अधिक चल रही है, तो इसे मेंस्ट्रुअल मेनोरेजिया (Menorrhagia) कहा जाता है। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं:

हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)
  • एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से ब्लीडिंग अधिक हो सकती है।
  • यह स्थिति PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) या थायरॉयड समस्याओं से जुड़ी हो सकती है।
गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं
  • फाइब्रॉइड (Fibroids) – गर्भाशय में गैर-हानिकारक गांठ बनने से अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है।
  • एंडोमेट्रियोसिस – जब गर्भाशय की अंदरूनी परत जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तो पीरियड्स ज्यादा हो सकते हैं।
गर्भनिरोधक उपायों का प्रभाव
  • अगर आप IUD (इंट्रा यूटेरिन डिवाइस) का इस्तेमाल कर रही हैं, तो ब्लीडिंग अधिक हो सकती है।
  • कुछ गर्भनिरोधक गोलियों से भी भारी मासिक धर्म हो सकता है।
कुछ दवाओं या मेडिकल कंडीशंस का प्रभाव
  • ब्लड थिनर (Blood Thinners) या कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं ब्लीडिंग को बढ़ा सकती हैं।
  • डायबिटीज और मोटापा भी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।

टिप: अगर आपको अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है और कमजोरी या चक्कर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।

हल्के पीरियड्स क्यों आते हैं?

अगर आपके पीरियड्स में बहुत कम ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे हाइपोमेनोरिया (Hypomenorrhea) कहा जाता है। इसके कुछ मुख्य कारण हैं:

हार्मोनल बदलाव

  • थायरॉयड हार्मोन या एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से पीरियड्स हल्के हो सकते हैं।
  • गर्भनिरोधक गोलियों का असर – कुछ गर्भनिरोधक गोलियां पीरियड फ्लो को कम कर सकती हैं।

अत्यधिक व्यायाम और वजन घटाना

  • बहुत अधिक वर्कआउट करने से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे पीरियड्स कम हो सकते हैं।
  • शरीर में फैट प्रतिशत बहुत कम होने से ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है।

तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का प्रभाव

  • अत्यधिक तनाव कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे पीरियड फ्लो कम हो सकता है।
  • चिंता और डिप्रेशन का सीधा असर मासिक धर्म चक्र पर पड़ता है।

पोषण की कमी और खराब डाइट

  • आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 की कमी से शरीर पर्याप्त मात्रा में खून नहीं बना पाता।
  • बहुत अधिक जंक फूड या क्रैश डाइटिंग करने से पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं।

टिप: अगर आपके पीरियड्स बहुत हल्के हो रहे हैं या अचानक बंद हो गए हैं, तो अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें।

भारी या हल्के पीरियड्स को संतुलित करने के उपाय

सही आहार लें

  • आयरन और फोलिक एसिड – पालक, दालें, बीन्स और अनार खाएं।
  • विटामिन C युक्त फल – संतरा, नींबू और टमाटर से आयरन अवशोषण बेहतर होता है।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड – अखरोट, अलसी और मछली हार्मोन संतुलित रखते हैं।
  • प्रोबायोटिक्स – दही और छाछ पाचन को सुधारते हैं और हार्मोन बैलेंस करते हैं।

एक्सरसाइज और योग अपनाएं

  • हल्की वॉक और योग से पीरियड्स नियमित होते हैं।
  • बालासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तानासन से गर्भाशय को मजबूती मिलती है।

तनाव को कम करें

  • ध्यान (Meditation) और प्राणायाम करें।
  • पर्याप्त नींद लें और स्क्रीन टाइम कम करें।

पर्याप्त पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें

  • दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर डिटॉक्स हो सके।

टिप: यदि पीरियड्स के दौरान कमजोरी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

  • यदि पीरियड्स 7 दिनों से अधिक चल रहे हैं।
  • बहुत अधिक कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द हो रहा है।
  • 2-3 महीनों से पीरियड्स बहुत हल्के हो रहे हैं या बंद हो गए हैं।
  • पीरियड्स के दौरान गहरे रंग के ब्लड क्लॉट निकल रहे हैं।
  • पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है या अचानक वजन बढ़ रहा है।

टिप: यदि आपको बार-बार मासिक धर्म में असंतुलन हो रहा है, तो ब्लड टेस्ट और हार्मोनल जांच करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना सामान्य है?

नहीं, अगर आपका पीरियड्स 7 दिनों से अधिक चल रहा है या बहुत ज्यादा रक्तस्राव हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या हल्के पीरियड्स हार्मोनल असंतुलन का संकेत हैं?

हाँ, हल्के पीरियड्स थायरॉयड, गर्भनिरोधक गोलियों या पोषण की कमी का संकेत हो सकते हैं।

क्या डाइट से पीरियड्स को संतुलित किया जा सकता है?

हाँ, सही पोषण से पीरियड्स को नियमित किया जा सकता है।

क्या तनाव से पीरियड्स ज्यादा या कम हो सकते हैं?

हाँ, अधिक तनाव हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है, जिससे ब्लीडिंग ज्यादा या कम हो सकती है।

निष्कर्ष

पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग या हल्के पीरियड्स दोनों ही शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकते हैं। सही आहार, एक्सरसाइज और संतुलित जीवनशैली अपनाकर मासिक धर्म को नियमित किया जा सकता है।

क्या आपने कभी मासिक धर्म असंतुलन का अनुभव किया है? अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें!

ब्लॉग

नवीनतम लेख

पहली तिमाही
5 मिनट पढ़ें
क्या पीरियड्स मिस होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है?
मासिक धर्म महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। जब पीरियड्स समय पर नहीं आते या पीरियड मिस होना जैसी समस्या होती है, तो यह हार्मोनल असंतुलन या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।
पहली तिमाही
5 मिनट पढ़ें
अंडाशय की उम्र (Ovarian Age) कैसे जांचें और इसे हेल्दी बनाए रखें?
महिला प्रजनन क्षमता को बनाए रखने में अंडाशय की उम्र (Ovarian Age) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ अंडाशय में अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है, जिससे गर्भधारण कठिन हो सकता है। अगर आप जानना चाहती हैं कि "अंडाणु की उम्र कैसे जांचें?", तो ओवेरियन एज टेस्ट और ओवेरियन रिजर्व चेकअप आपकी फर्टिलिटी क्षमता का आकलन करने के लिए जरूरी हैं।